जौनपुर में आर्थिक अपराध शाखा के हत्थे चढ़ा स्कूल का परिचारक

 


जौनपुर में आर्थिक अपराध शाखा के हत्थे चढ़ा स्कूल का परिचारक


 











आर्थिक अपराध अनुसांधन शाखा वाराणसी शाखा की टीम ने बुधवार को फर्जी तौर पर नियुक्त परिचारक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि नेहरू आदर्श इंटर कालेज आलमगंज के तत्कालीन प्रबंधक शैलेन्द्र सिंह ने वर्ष 1997- 98 में बिना पद के फर्जी विज्ञापन निकलवा कर विद्यालय में 33 शिक्षक शिक्षणेत्तर कर्मियों की नियुक्ति कर दी थी। 2007 में 36 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इनमें से 35 आरोपितों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। इनमें परिचारक की गिरफ्तारी अंतिम है।


1998 में दर्जनों की संख्या में एक साथ नियुक्ति होने पर काफी हो हल्ला हुआ। मामला तूल पकड़ने के बाद इसकी जांच शासन ने विशेष सचिव शिक्षा विभाग हीरालाल गुप्ता को सौंपी दी। जांच में पाया गया कि सभी की नियुक्ति फर्जी की गयी है। जबकि इस विद्यालय की मान्यता भी जूनियर स्तर की रही। मामला सही पाये जाने पर सभी के वेतन के रूप में लिए गये सरकारी धन 1 करोड़ 14 लाख 53 हजार 9 सौ 62 रूपये की रिकवरी का भी आदेश हुआ। जांच के बाद सचिव द्वारा जौनपुर कोतवाली में वर्ष 2007 मे 36 लोगों के विरुद्ध धारा 409,419,420,467,468,471,120 बी में मुकदमा कर जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा वाराणसी को सौंप दिया गया। इसी में परिचारक के पद पर फर्जी नियुक्ति में आरोपी शीतला प्रसाद गौड़ की नियुक्ति हुई थी। इनके ऊपर 70 हजार रुपए की सरकारी धन फर्जी तरीके से लेने का आरोप था। पैसे न देने पर आर्थिक अपराध की टीम के इंस्पेक्टर गोविन्द सिंह, सुनील वर्मा,संजय सिंह, विनीत पांडेय, सुबास, श्री प्रकाश तिवारी ने आरोपी को घर से गिरफ्तार कर लिया।














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